राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में कारोबारी साल 2013-14 की पहली छमाही में घरों की माँग 35,000 इकाइयों की रही।
यह 2012-13 की पहली छमाही की तुलना में 18% अधिक है। वैश्विक रियल एस्टेट सलाहकार नाइट फ्रैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि एनसीआर में आवासीय इकाइयों की माँग में बढ़ोतरी की वजह कम बजट वाले घरों की कई परियोजनाएँ शुरू होना है। इस दौरान ग्रेटर नोएडा में आवासीय इकाइयों की माँग लगभग चार गुना हो गयी।
पहली छमाही में ग्रेटर नोएडा में आवासीय इकाइयों की माँग 14,300 इकाई रही, जबकि पिछले साल की समान अवधि में यह आँकड़ा 3,750 इकाई रहा था। फरीदाबाद में इस दौरान 1500 इकाइयों की माँग रही। लेकिन गुडगाँव और नोएडा में आवासीय इकाइयों की माँग घटी है। अगर आपूर्ति की बात करें, तो जनवरी से जून की अवधि में एनसीआर में कुल 49,000 आवासीय इकाइयों की पेशकश हुई, जो इससे पिछले साल की पहली छमाही के मुकाबले 11% अधिक है। एनसीआर बाजार में 5.4 लाख आवासीय इकाइयाँ निर्माणाधीन हैं।
नाइट फ्रैंक का कहना है कि निर्माण लागत में बढ़ोतरी डेवलपरों के लिए चुनौती बनी हुई है। परियोजनाएँ शुरू करने के मामले में एनसीआर रिहायशी बाजार में मंदी दिखायी दे रही है। हालाँकि वर्तमान बाजार परिदृश्य को देखते हुए यह अच्छा संकेत है क्योंकि यह माँग और आपूर्ति के अंतर को कम करने में मदद करेगा।
विश्लेषणों से पता चलता है कि द्वारका एक्सप्रेसवे, नोएडा एक्सप्रेसवे और ग्रेटर नोएडा जैसे स्थान निवेशकों को लुभाते रहेंगे। कुछ निर्माणाधीन परियोजनाओं को वर्ष 2013 में पूरा किया जाना है। इनमें विशेष रूप से नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे शामिल हैं, जिनकी कीमतें आगे बढ़ेंगी।
खरीदारों को 9,450 फ्लैट सौंपेगा आम्रपाली समूह
आम्रपाली समूह देश भर में फैली अपनी 12 परियोजनाओं के तहत ग्राहकों को जल्दी ही फ्लैट का कब्जा (पजेशन) देने जा रहा है। इन परियोजनाओं के तहत बुकिंग तीन-चार साल पहले करायी गयी थी।
आम्रपाली 124 लाख वर्ग फुट में फैली अपनी 12 परियोजनाओं के तहत 9,450 यूनिटों की सुपुर्दगी करेगा। इनमें आम्रपाली जोडियाक, आम्रपाली सैफायर, आम्रपाली सिलिकॉन सिटी, आम्रपाली प्रिंसली एस्टेट, आम्रपाली विलेज, आम्रपाली एम्पायर और आम्रपाली कैसल जैसी अहम परियोजनाएँ शामिल हैं।
आम्रपाली सैफायर परियोजना नोएडा के सेक्टर 45 में 2.5 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैली है, जिसमें लगभग 1000 फ्लैट दिये जाने हैं। 30 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैली आम्रपाली सिलिकॉन सिटी नोएडा के सेक्टर-76 में है जिसमें तकरीबन 2000 फ्लैट सौंपे जाने हैं। नोएडा के सेक्टर-120 स्थित आम्रपाली जोडियाक परियोजना 25 लाख वर्ग फुट में फैली है। इसमें लगभग 2000 फ्लैट दिये जाने हैं। इसके अलावा अगले साल मार्च के बाद ग्राहकों को 3000 फ्लैट सुपुर्द किये जायेंगे।
लखनऊ में रुपाली पॉम व्यू अपार्टमेंट
लखनऊ-स्थित रुपाली ग्रुप ने रुपाली पॉम व्यू अपार्टमेंट परियोजना पेश की है। यह लखनऊ में कुर्सी रोड पर इंटिग्रल यूनिवर्सिटी से लगभग 1 किमी की दूरी पर स्थित है। यह परियोजना 1 लाख वर्ग फुट में फैली हुई है। इसमें 3 बीएचके फ्लैट का सुपर एरिया 1133 वर्ग फुट, 2 बीएचके फ्लैट का सुपर एरिया 939 एवं 859 वर्ग फुट और 1 बीएचके फ्लैट का सुपर एरिया 606 वर्ग फुट है। इस परियोजना में 4 टावर होंगे। यहाँ पर 432 फ्लैटों का निर्माण किया जायेगा। इस परियोजना की विशेषताओं में 24 घंटे पावर बैकअप, वास्तु शास्त्र के आधार पर निर्माण, ड्रेनेज के मिनी एस.टी.पी., रेन वाटर हार्वेस्टिंग, क्लब, जिम, स्विमिंग पूल, 24 घंटे सिक्योरिटी, ओपन और कवर्ड कार पार्किंग, पार्क, 24 घंटे यातायात और क्रास वेंटिलेशन की सुविधा शामिल हैं। इसमें कीमत 2400 रुपये प्रति वर्ग फुट रखी गयी है। कंपनी का दावा है कि ये फ्लैट साल 2016 तक खरीदारों को सौप दिये जायेंगे।
ग्रेटर नोएडा (पश्चिम) में वन लीफ ट्रॉय
वन लीफ ग्रुप ग्रेटर नोएडा (पश्चिम) के सेक्टर 10 में वन लीफ ट्रॉय परियोजना पेश करने जा रहा है। यह परियोजना 3 एकड़ भूमि में फैली हुई होगी। यहाँ पर करीब 400 फ्लैटों का निर्माण होगा। यह मेट्रो, एक्सप्रेस-वे और अन्य महत्वपूर्ण हाइवे से जुड़ा होगा।
यहाँ पर 80% खुला इलाका, प्रदूषण मुक्त माहौल के साथ ही 24 घंटे पावर बैकअप, 24 घंटे पानी की आपूर्ति, हाई स्पीड एलीवेटर्स, लैंडस्केप्ड गार्डन, प्रत्येक रूम में बॉलकनी, क्लब हाउस के साथ इंडोर गेम्स, जिम्नेजियम की सुविधाएँ होंगी। इसमें 3 बीएचके फ्लैट का सुपर एरिया 1350 वर्ग फुट, 2 बीएचके के साथ स्टडी फ्लैट का 1175 वर्ग फुट और 2 बीएचके फ्लैट का सुपर एरिया 997 वर्ग फुट है। इसमें कीमत करीब 3200 रुपये प्रति वर्ग फुट रखी गयी है। कंपनी का दावा है कि ये फ्लैट दिसंबर 2016 तक खरीदारों को सौप दिये जायेंगे।
(निवेश मंथन, दिसंबर 2013)
